भारत-ओमान सामरिक गठबंधन: ऊर्जा और समुद्री सुरक्षा पर हुए कई महत्वपूर्ण समझौते
भारत और ओमान ने अपनी ऐतिहासिक दोस्ती को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हुए कई महत्वपूर्ण सामरिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा और हिंद महासागर में स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया है। इस समझौते का एक बड़ा हिस्सा ‘ग्रीन हाइड्रोजन’ और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को लेकर है। भारत अब ओमान के साथ मिलकर समुद्री व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा के लिए साझा गश्त (Joint Patrol) और सैन्य अभ्यास बढ़ाएगा। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच व्यापार को सुगम बनाने के लिए सीधे शिपिंग रूट और बंदरगाह विकास पर भी सहमति बनी है। ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में, ओमान भारत को एलएनजी (LNG) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए दीर्घकालिक अनुबंध पर सहमत हुआ है। प्रधानमंत्री ने इस गठबंधन को ‘पश्चिम एशिया की शांति और समृद्धि के लिए आधार स्तंभ’ बताया है। भारतीय आईटी और हेल्थकेयर कंपनियों के लिए भी ओमान में नए अवसर खोलने पर चर्चा हुई है। यह समझौता न केवल भारत की ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करेगा, बल्कि मध्य-पूर्व में भारत की कूटनीतिक पकड़ को भी मज़बूत करेगा। दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वीज़ा नियमों में ढील देने पर भी विचार किया जा रहा है।
