कान्हा टाइगर रिजर्व में शावकों की मौत से हड़कंप: बाघ निगरानी प्रणाली पर उठे सवाल
मध्य प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध कान्हा टाइगर रिजर्व से एक चिंताजनक खबर सामने आई है, जहाँ पिछले 48 घंटों में तीन बाघ शावकों की मौत हो गई है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिक जांच में आपसी संघर्ष (infighting) को मौत का कारण बताया जा रहा है, लेकिन वन्यजीव प्रेमियों ने पार्क की निगरानी प्रणाली पर सवाल उठाए हैं। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं इसके पीछे अवैध शिकार (poaching) का हाथ तो नहीं है। कान्हा में बाघों की बढ़ती संख्या के कारण अब क्षेत्रीय सीमाओं (territory) के लिए संघर्ष बढ़ गया है, जो वन प्रबंधन के लिए एक नई चुनौती बन गया है। पार्क के कुछ संवेदनशील कोर क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने के लिए अतिरिक्त हाथियों और ड्रोन की मदद ली जा रही है। वन मंत्री ने आश्वासन दिया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद सख्त कदम उतरे जाएंगे और बाघों के संरक्षण के लिए नई कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इस घटना ने देशभर के वन्यजीव प्रेमियों को बाघों के बढ़ते कुनबे और उनके लिए कम पड़ते जंगलों की समस्या पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया है।
