डिजिटल भारत’ की बड़ी उपलब्धि: ग्रामीण भारत के 100% हिस्सों में पहुंचा 6G नेटवर्क
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने आज एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए बताया कि ‘डिजिटल भारत’ पहल के तहत ग्रामीण भारत में 100% 6G कनेक्टिविटी का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिया गया है। 2025 की शुरुआत में शुरू किए गए इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ने स्वदेशी टावर तकनीक और लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) उपग्रहों के समूह का उपयोग करके शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच के डिजिटल अंतर को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। बेंगलुरु में एक उच्च स्तरीय शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह कनेक्टिविटी देश के कृषि क्षेत्र में चल रही “AI-क्रांति” की रीढ़ है। अब दूरदराज के जिलों के किसान 98% सटीकता के साथ मिट्टी के स्वास्थ्य की निगरानी और मौसम के पूर्वानुमान के लिए रियल-टाइम AI एनालिटिक्स का उपयोग कर रहे हैं। सरकार ने यह भी पुष्टि की है कि प्रत्येक ट्रांसमिशन हब पूरी तरह से नवीकरणीय ऊर्जा (Solar/Wind) स्टेशनों द्वारा संचालित है। आर्थिक विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह डिजिटल छलांग 2027 के वित्तीय वर्ष के अंत तक भारत की जीडीपी में अतिरिक्त 500 बिलियन डॉलर का योगदान देगी। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने भारत के इस कदम की सराहना की है, क्योंकि भारत ने पारंपरिक फाइबर-ऑप्टिक सीमाओं को दरकिनार कर हाइपर-फास्ट कनेक्टिविटी में वैश्विक नेतृत्व हासिल किया है। इस रोलआउट की सफलता ने कई पड़ोसी देशों को भारतीय दूरसंचार फर्मों के साथ तकनीकी सहयोग के लिए प्रेरित किया है।
