भारतीय रिजर्व बैंक ने लॉन्च किया ‘ई-रुपया 2.0’; एकीकृत AI सुरक्षा से लैस होगी डिजिटल करेंसी

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) की दूसरी पीढ़ी, जिसे ‘ई-रुपया 2.0’ नाम दिया गया है, को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है। इसमें दुनिया की पहली AI-आधारित सुरक्षा लेयर शामिल की गई है। यह अपडेटेड डिजिटल मुद्रा एक “न्यूरल लेजर” का उपयोग करती है जो वास्तविक समय में संदिग्ध लेनदेन पैटर्न का पता लगाने और उन्हें ब्लॉक करने में सक्षम है, जिससे डिजिटल फिशिंग और धोखाधड़ी का खतरा लगभग समाप्त हो गया है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि नई प्रणाली को भौतिक नकदी की गोपनीयता प्रदान करने के साथ-साथ उन्नत ब्लॉकचेन एन्क्रिप्शन की सुरक्षा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। भारत के सभी प्रमुख सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों ने इस प्रणाली को अपना लिया है और इसे अपने मोबाइल एप्लिकेशन में एकीकृत कर दिया है। छोटे विक्रेताओं और रेहड़ी-पटरी वालों को भी कम लागत वाले “बायो-मेट्रिक वॉलेट” प्रदान किए गए हैं ताकि वे बिना स्थिर इंटरनेट कनेक्शन के भी सुरक्षित लेनदेन कर सकें। वित्त विशेषज्ञों का मानना ​​है कि इस कदम से मुद्रा प्रबंधन की लागत में भारी कमी आएगी और अर्थव्यवस्था में नकली नोटों के संचलन पर लगाम लगेगी। यह AI लेयर उपयोगकर्ताओं को उनके व्यक्तिगत खर्चों का विश्लेषण कर ऑटोमेटेड बजटिंग इनसाइट्स भी प्रदान करती है। जैसे-जैसे वैश्विक बाजार डिजिटल-ओनली एसेट्स की ओर बढ़ रहे हैं, ई-रुपया 2.0 भारत को वित्तीय प्रौद्योगिकी नवाचार में सबसे आगे रखता है।

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