पंजाब में न्यूनतम मजदूरी में 15% की बढ़ोतरी: श्रमिकों को बड़ी राहत
अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर पंजाब की भगवंत मान सरकार ने राज्य के लाखों श्रमिकों के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। पंजाब विधानसभा ने 13 साल के लंबे इंतजार के बाद न्यूनतम मजदूरी (Minimum Wage) में 15 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया है। यह फैसला सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के पंजीकृत श्रमिकों पर लागू होगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि इस वृद्धि से महंगाई के इस दौर में मजदूरों को अपना जीवनयापन करने में बड़ी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस फैसले को ‘श्रमिकों का सम्मान’ बताते हुए कहा कि उनकी सरकार समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। श्रम विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी है, जिसके बाद अब नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएंगी। विपक्षी दलों ने भी इस कदम का स्वागत किया है, हालांकि कुछ श्रमिक संगठनों का कहना है कि यह बढ़ोतरी महंगाई के अनुपात में और अधिक होनी चाहिए थी। इस फैसले से पंजाब के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों को भी काफी लाभ होगा। राज्य सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि न्यूनतम मजदूरी के नियमों का उल्लंघन करने वाले नियोक्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम से बाजार में तरलता बढ़ेगी क्योंकि श्रमिकों की क्रय शक्ति में इजाफा होगा। यह निर्णय आने वाले स्थानीय चुनावों में भी सत्तारूढ़ दल के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
