भारत और वियतनाम के बीच 13 महत्वपूर्ण समझौते: रक्षा और तकनीक में नई साझेदारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वियतनाम के राष्ट्रपति तो लैम के बीच हैदराबाद हाउस में हुई उच्च स्तरीय बैठक ने दोनों देशों के संबंधों को एक नई ऊंचाई पर पहुँचा दिया है। भारत और वियतनाम ने अपनी साझेदारी को “एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” में बदलते हुए रक्षा, सेमीकंडक्टर और डिजिटल तकनीक सहित 13 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। पीएम मोदी ने इस अवसर पर वियतनाम को भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का एक अटूट स्तंभ बताया और द्विपक्षीय व्यापार के लिए नए महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए। चर्चा का मुख्य केंद्र दक्षिण चीन सागर में स्थिरता और समुद्री सुरक्षा रहा, जहाँ दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन पर जोर दिया। इसके अलावा, भारत ने वियतनाम को अपनी उन्नत रक्षा प्रणालियों और ब्रह्मोस जैसी मिसाइलों के निर्यात की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की। वियतनाम के राष्ट्रपति ने अपनी यात्रा की शुरुआत बोधगया से की, जो दोनों राष्ट्रों के बीच गहरे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को रेखांकित करता है। यह कूटनीतिक प्रगति न केवल व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में क्षेत्रीय सुरक्षा और चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच एक मजबूत संतुलन बनाने की भारत की रणनीति का भी हिस्सा है।
