इंफ्रास्ट्रक्चर में उछाल: यूपी-रेरा 2026 में 400 नई परियोजनाओं को देगा मंजूरी
उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (UP-RERA) ने घोषणा की है कि इस साल लगभग 400 नई परियोजनाओं को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। प्राधिकरण की हालिया बैठकों के अनुसार, विकास की यह लहर अब केवल नोएडा या गाजियाबाद तक सीमित नहीं है, बल्कि वाराणसी, गोरखपुर, अयोध्या और लखनऊ जैसे टियर-2 शहरों में भी तेजी से फैल रही है। इस उछाल का मुख्य कारण राज्य में तेजी से विकसित होता बुनियादी ढांचा, नए एक्सप्रेसवे और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण कार्य है, जिसने निवेशकों और डेवलपर्स का भरोसा बढ़ाया है।
यूपी-रेरा के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 के शुरुआती चार महीनों में ही सौ से अधिक परियोजनाओं को स्वीकृति दी जा चुकी है, जिनमें करीब 1,300 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आने का अनुमान है। इन परियोजनाओं में आवासीय फ्लैटों के साथ-साथ बड़े कमर्शियल और मिश्रित उपयोग वाले कॉम्प्लेक्स भी शामिल हैं। नियामक संस्था अब ‘डिजिटल अनुशासन’ पर जोर दे रही है, जिससे परियोजनाओं के पंजीकरण से लेकर पजेशन तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि नए प्रोजेक्ट्स की बढ़ती संख्या से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे खरीदारों को बेहतर सुविधाएं और समय पर घर मिलने की गारंटी मिलेगी। यह रियल एस्टेट बूम न केवल राज्य की जीडीपी में योगदान दे रहा है, बल्कि लाखों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रहा है।
