मौसम का मिजाज: मई की गर्मी में भारी बारिश और ठंडी हवाओं ने दी राहत
मई का महीना आमतौर पर भीषण गर्मी और लू (Loo) के लिए जाना जाता है, लेकिन 2026 में उत्तर और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में मौसम का एक अलग ही रूप देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, लगातार पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) के कारण तापमान सामान्य से 8-10 डिग्री सेल्सियस तक नीचे बना हुआ है। दिल्ली-एनसीआर सहित यूपी, बिहार और राजस्थान के कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश और तेज आंधी ने वातावरण को खुशनुमा बना दिया है। इस असामान्य ठंडक ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है, और कई शहरों में मई की रातें पिछले कई दशकों में सबसे ठंडी दर्ज की गई हैं।
हालांकि, यह खुशनुमा मौसम कृषि क्षेत्र के लिए चिंता का विषय भी बना हुआ है। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण महाराष्ट्र में आम (Alphonso) की पैदावार पर बुरा असर पड़ा है, जिससे बाजार में इसकी कीमतों में उछाल आने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम के चक्र में इस तरह के बड़े बदलाव अब अधिक बार देखने को मिल रहे हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि यह राहत अस्थायी हो सकती है और मई के दूसरे पखवाड़े में एक मजबूत एंटी-चक्रवात सिस्टम विकसित होने से तापमान फिर से 45 डिग्री के पार जा सकता है। फिलहाल, दिल्ली और आसपास के राज्यों में 11 मई तक बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे प्रशासन को जलभराव और यातायात की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
