पुट्टपर्थी में भारत के पहले स्वदेशी स्टील्थ फाइटर जेट प्लांट की नींव रखी गई
‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी में ‘एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट’ (AMCA) कार्यक्रम की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की उपस्थिति में इस विशाल केंद्र का उद्घाटन किया गया, जो भारत के पहले पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट के एकीकरण और उड़ान परीक्षण का मुख्य केंद्र होगा। करीब 650 एकड़ में फैले इस प्रोजेक्ट का प्रबंधन DRDO की वैमानिकी विकास एजेंसी (ADA) द्वारा किया जा रहा है और इसमें ₹15,803 करोड़ का प्रारंभिक निवेश शामिल है। यह सुविधा सुपर-क्रूज क्षमता और उन्नत एवियोनिक्स से लैस विमानों के निर्माण के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा प्रदान करेगी। सामरिक महत्व के अलावा, यह परियोजना क्षेत्र के लिए एक बड़ा आर्थिक इंजन साबित होगी, जिससे लगभग 7,500 प्रत्यक्ष रोजगार मिलने और सहायक उद्योगों में ₹1 लाख करोड़ का निवेश आने की उम्मीद है। रक्षा मंत्री ने समारोह के दौरान यह भी स्पष्ट किया कि पुट्टपर्थी का चयन इसकी रणनीतिक स्थिति और बेंगलुरु मुख्यालय से निकटता के कारण किया गया है। टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और एलएंडटी जैसी प्रमुख निजी कंपनियों को इस निर्माण प्रक्रिया में साझीदार बनाया गया है। इस केंद्र की स्थापना के साथ भारत उन चुनिंदा देशों के क्लब में शामिल होने की राह पर है जो खुद पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान बना सकते हैं। यह कदम भविष्य में विदेशी रक्षा आयात पर निर्भरता को कम करने और भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता को आधुनिक बनाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
