केरल में राजनीतिक गतिरोध समाप्त: वी.डी. सतीशन होंगे नए मुख्यमंत्री
केरल में ग्यारह दिनों तक चली राजनीतिक खींचतान और दिल्ली में हुई कई दौर की बैठकों के बाद, कांग्रेस आलाकमान ने आधिकारिक तौर पर वी.डी. सतीशन को राज्य का नया मुख्यमंत्री नामित किया है। यह निर्णय सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच हुई लंबी चर्चा के बाद लिया गया, जिसमें सतीशन और के.सी. वेणुगोपाल गुटों के बीच के मतभेदों को सुलझाया गया। सतीशन, जिन्हें उनकी स्वच्छ छवि और संसदीय कौशल के लिए जाना जाता है, 18 मई को पद की शपथ लेंगे। उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात कर 102 विधायकों के समर्थन वाला पत्र सौंप दिया है और सरकार बनाने का दावा पेश किया है। केरल विधानसभा चुनाव 2026 में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (UDF) की भारी जीत के बाद यह फैसला राज्य में कांग्रेस के नेतृत्व में पीढ़ीगत बदलाव का संकेत देता है। सतीशन की नियुक्ति का राज्यभर में जश्न मनाया जा रहा है, हालांकि कुछ जगहों पर हुई नारेबाजी ने विवाद भी खड़ा किया है। नए मुख्यमंत्री के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती एक स्थिर मंत्रिमंडल का गठन करना और यूडीएफ के चुनावी वादों को पूरा करना है। सतीशन ने मुख्यमंत्री बनने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा कि उनकी प्राथमिकता राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार करना और जनता के जीवन स्तर को ऊपर उठाना होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सतीशन का चयन आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को ध्यान में रखकर किया गया है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि आगामी 15 मई की यूडीएफ बैठक में किन-किन विधायकों को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी जाती है।
