उत्तर और मध्य भारत में भीषण हीटवेव का प्रकोप, रिकॉर्ड तोड़ तापमान से जनजीवन प्रभावित
उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में इस समय भीषण गर्मी और लू (हीटवेव) का प्रकोप जारी है, जिसके चलते मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए गंभीर रेड अलर्ट जारी किया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, देश के कई हिस्सों में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर दर्ज किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा के कुछ क्षेत्रीय केंद्रों में दोपहर का पारा 47°C से लेकर 48°C के खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है, जिससे लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली भी इस भीषण गर्मी से अछूती नहीं है, जहां न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट न होने के कारण रातें भी पिछले कई वर्षों में सबसे अधिक गर्म दर्ज की जा रही हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, रात के समय अत्यधिक तापमान बने रहने से मानव शरीर को दिन की भीषण गर्मी से उबरने का मौका नहीं मिलता, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम है। वर्तमान में शुष्क हवाओं और कम वायुमंडलीय आर्द्रता के कारण हीट स्ट्रोक और शरीर में पानी की कमी (Dehydration) के मामले बहुत तेजी से सामने आ रहे हैं। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के स्थानीय प्रशासन ने बिगड़ते हालात को देखते हुए दोपहर के समय लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी है। कई राज्य सरकारों ने एहतियात के तौर पर स्कूलों के समय में बदलाव किया है और सरकारी अस्पतालों में हीटवेव से प्रभावित मरीजों के लिए विशेष वार्ड बनाए हैं। इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों, निर्माण स्थलों और व्यस्त बाजारों में काम करने वाले दैनिक मजदूरों के लिए ओआरएस (ORS) और पीने के पानी की व्यवस्था की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून से पहले आने वाली इस तरह की तीव्र हीटवेव की आवृत्ति में वृद्धि होना वैश्विक जलवायु परिवर्तन का एक सीधा संकेत है। हालांकि, राहत की बात यह है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून दक्षिण अरब सागर की ओर बढ़ने के शुरुआती संकेत दे रहा है, जिससे आने वाले हफ्तों में धीरे-धीरे राहत मिलने की उम्मीद है।
