देश भर में मनाया गया बकरीद का त्योहार, ईंधन की बढ़ती कीमतों और सीमा सुरक्षा नीति को लेकर सियासी पारा हुआ गर्म

आज देश के विभिन्न राज्यों में इस्लामिक त्योहार बकरीद (ईद-उल-अजहा) पारंपरिक श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया, जिसके कारण सार्वजनिक संस्थानों और वित्तीय क्षेत्रों में छुट्टियों का माहौल रहा। देश के विभिन्न हिस्सों में चांद दिखने के बाद घोषित हुई संशोधित तारीखों के अनुसार, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), HDFC और ICICI जैसे प्रमुख बैंकिंग संस्थानों ने दिल्ली, तेलंगाना और कई अन्य राज्यों में अपनी भौतिक शाखाएं बंद रखीं, जिससे लेनदेन का पूरा भार डिजिटल बैंकिंग, UPI नेटवर्क और मोबाइल एप्लिकेशन पर आ गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने भी दिन भर के लिए व्यापारिक परिचालन निलंबित रखा। हालांकि, इस उत्सव के बीच देश का राजनीतिक माहौल लगातार गर्म बना हुआ है, जिसका मुख्य कारण घरेलू पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार की गई बढ़ोतरी है, जिसने कुछ ही दिनों में ईंधन की कीमतों को काफी बढ़ा दिया है। इस आर्थिक दबाव के बीच, विपक्षी दलों ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखे हमले शुरू कर दिए हैं। दूसरी ओर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की सीमाओं की सुरक्षा को लेकर एक हाई-लेवल सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश सीमाओं के 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी अवैध ढांचों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने और उन्हें हटाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, अवैध सीमा पार प्रवासन के कारण हो रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का आकलन करने के लिए एक विशेष समिति के गठन की चर्चा भी तेज हो गई है। इस प्रकार, यह सप्ताह एक तरफ जहां सांस्कृतिक परंपराओं और त्योहारों की मिठास लेकर आया, वहीं दूसरी तरफ खुदरा ईंधन मुद्रास्फीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी नीतिगत पहलों के कारण राजनीतिक और आर्थिक मोर्चे पर काफी हलचल भरा रहा।

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