मौसम विभाग (IMD) की बड़ी चेतावनी: अल-नीनो के प्रभाव से इस साल देश में सामान्य से कम बारिश का अनुमान

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मानसून सीजन को लेकर एक बेहद चिंताजनक और महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है, जिसमें प्रारंभिक वर्षा के अनुमानों को घटाते हुए देश के अधिकांश हिस्सों में सूखे जैसी स्थिति और कम बारिश की 60% संभावना व्यक्त की गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रशांत महासागर में तेजी से विकसित हो रहे ‘अल-नीनो’ (El Niño) प्रभाव के कारण मानसूनी हवाओं का पैटर्न बुरी तरह से बाधित हो गया है, जो आमतौर पर भारतीय उपमहाद्वीप में जीवनदायिनी बारिश लाने के लिए जिम्मेदार होता है। विभाग के नए पूर्वानुमानों के मुताबिक, इस साल भारत में दीर्घकालिक औसत (LPA) की तुलना में केवल 90% तक ही बारिश होने की उम्मीद है, जिसका सीधा और प्रतिकूल असर देश के कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता है और आने वाले दिनों में देश को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि देश के पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश सामान्य रहने का अनुमान लगाया गया है, लेकिन मध्य, पश्चिमी और दक्षिणी भारत के प्रमुख कृषि प्रधान राज्य जैसे महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और कर्नाटक कम बारिश और लंबे समय तक चलने वाले शुष्क दौर (Dry Spells) की चपेट में आ सकते हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने तत्काल एक उच्च स्तरीय आपातकालीन टास्क फोर्स का गठन कर दिया है, और सभी राज्य सरकारों को सूखा-प्रतिरोधी बीजों का पर्याप्त बफर स्टॉक तैयार रखने तथा सिंचाई नेटवर्क को चुस्त-दुरुस्त करने के निर्देश जारी किए हैं। केंद्रीय कृषि मंत्रालय इस संभावित संकट से निपटने के लिए फसलों के नुकसान को न्यूनतम करने की आकस्मिक योजना (Contingency Plan) बना रहा है, जबकि राज्यों से जलाशयों के जल स्तर की चौबीसों घंटे निगरानी करने को कहा गया है ताकि पीने के पानी की आपूर्ति सुरक्षित रहे। मौसम का यह अप्रत्याशित मिजाज ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती बनकर उभरा है, जिससे खाद्य महंगाई दर को नियंत्रित रखने का दबाव और बढ़ गया है।

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