कर्नाटक में बड़ा सियासी उलटफेर: सिद्धारमैया का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा, डी.के. शिवकुमार संभालेंगे कमान

कर्नाटक की राजनीति में एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है, जहाँ मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पद से औपचारिक रूप से इस्तीफा दे दिया है, जिससे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। कांग्रेस पार्टी के भीतर चुनाव के समय तय हुए ढाई-ढाई साल के सत्ता हस्तांतरण के आंतरिक फार्मूले के तहत किए गए इस नेतृत्व परिवर्तन के बाद, बेंगलुरु से लेकर नई दिल्ली तक नए मंत्रिमंडल के गठन को लेकर सियासी सरगर्मियां बेहद तेज हो गई हैं। नए मंत्रिमंडल की रूपरेखा, विभिन्न समुदायों और क्षेत्रों के बीच जातिगत समीकरणों को साधने तथा कितने उपमुख्यमंत्री बनाए जाएं, इस पर आम सहमति बनाने के लिए कांग्रेस आलाकमान और राज्य के वरिष्ठ नेताओं के बीच बैठकों का दौर लगातार जारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सिद्धारमैया ने प्रशासनिक नियंत्रण पर अपनी पकड़ बनाए रखने और नई सरकार के कामकाज की निगरानी के लिए एक विशेष समन्वय समिति (Coordination Committee) बनाने की मांग रखी है, ताकि सत्ता संतुलन बना रहे। दूसरी तरफ, कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व इस बार मंत्रिमंडल में नए, युवा और ऊर्जावान चेहरों को शामिल करने की वकालत कर रहा है, ताकि आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों से पहले जनता के बीच एक नई और सक्रिय छवि पेश की जा सके। इस बीच, विपक्षी दल भाजपा ने इस पूरी प्रक्रिया पर तीखा तंज कसते हुए आरोप लगाया है कि कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान और सत्ता संघर्ष के कारण राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है और जनता के काम प्रभावित हो रहे हैं। डी.के. शिवकुमार के औपचारिक शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों के बीच, आगामी एक हफ्ता कर्नाटक की राजनीतिक स्थिरता के लिए बेहद संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी को सभी गुटों की आकांक्षाओं को संतुष्ट करते हुए सुचारू शासन सुनिश्चित करना होगा।

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