केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक, आईएमडी ने देश के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट किया जारी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने घोषणा की है कि देश की कृषि और अर्थव्यवस्था के लिए लाइफलाइन माना जाने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून बहुत जल्द केरल के तट पर अपनी आधिकारिक दस्तक देने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून की यह प्रणाली अनुकूल परिस्थितियों के चलते तेजी से आगे बढ़ रही है और अगले 48 घंटों के भीतर इसके पूरे दक्षिणी प्रायद्वीप में सक्रिय होने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही, आईएमडी ने देश के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक, तेज हवाओं और बिजली गिरने के साथ-साथ मूसलाधार बारिश की गंभीर चेतावनी (ऑरेंज अलर्ट) जारी की है। हालांकि, मानसून के मुख्य आगमन से पहले ही देश के कई प्रमुख महानगरीय शहरों में प्री-मानसून की बारिश ने दस्तक दे दी है, जिसके चलते महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में भारी जलभराव और यातायात की समस्या खड़ी हो गई है। बेंगलुरु में भी कल शाम हुई अचानक और तेज बारिश के कारण शहर के सबसे व्यस्त आउटर रिंग रोड पर पानी भर गया, जिससे गाड़ियां कई किलोमीटर तक रेंगती नजर आईं। इस बीच, देश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों से मौसम के बेहद प्रतिकूल और जानलेवा रूप की खबरें भी सामने आ रही हैं, जो आम जनजीवन को प्रभावित कर रही हैं। राजस्थान के सीमावर्ती बाड़मेर जिले में कल आए एक भयानक और विनाशकारी धूल भरे तूफान के कारण मलबे और पेड़ों के गिरने से दो बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई और कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दूसरी तरफ, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के दो अलग-अलग जिलों में अचानक बादल फटने की घटनाओं के बाद स्थानीय प्रशासन ने नदी-नालों के पास रहने वाले लोगों के लिए फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) का आपातकालीन अलर्ट जारी किया है। संयुक्त राष्ट्र की मौसम एजेंसी ने भी वैश्विक संदर्भ में चेतावनी देते हुए कहा है कि इस साल अल नीनो पैटर्न के सक्रिय होने की 80% संभावना है, जिससे तापमान में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने आम जनता और यात्रियों को सलाह दी है कि वे घर से बाहर निकलते समय स्थानीय मौसम के बुलेटिन को जरूर देखें और तटीय या पहाड़ी इलाकों में जाने से फिलहाल परहेज करें।
