भारत सरकार का बड़ा फैसला, अब बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं मिलेंगी कोई भी मेडिकल सिरप
एक बड़े दवा नीति बदलाव के तहत, भारत सरकार ने सभी प्रकार की औषधीय लिक्विड सिरप की ओवर-द-काउंटर (बिना पर्चे के) खुली बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है, और अब इसके लिए डॉक्टरों का पर्चा अनिवार्य कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी एक व्यापक अधिसूचना के माध्यम से लागू इस कड़े विनियामक निर्देश का मुख्य लक्ष्य खांसी की सिरप और सर्दी-जुकाम की दवाओं सहित सभी लोकप्रिय तरल योगों को नियंत्रित करना है। यह आपातकालीन नीतिगत हस्तक्षेप कोडीन-आधारित मिश्रणों के बढ़ते दुरुपयोग और नागरिकों के बीच प्रचलित स्व-चिकित्सा (बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेना) की खतरनाक आदतों पर बढ़ती चिंताओं के बाद किया गया है। दशकों से, स्थानीय खुदरा दवा दुकानें बिना किसी सत्यापन के इन तरल पदार्थों को आसानी से बेच रही थीं, जिससे अनजाने में दवा पर निर्भरता और लिवर से जुड़ी पुरानी समस्याएं बढ़ रही थीं। नए लागू कानूनी दिशानिर्देशों के तहत, यदि कोई भी केमिस्ट किसी पंजीकृत चिकित्सक के वैध और मुहरबंद पर्चे के बिना लिक्विड सिरप बेचता हुआ पाया जाता है, तो उसे गंभीर कानूनी दंड भुगतना होगा। सरकार ने राज्य औषधि नियंत्रकों को निर्देश दिया है कि वे पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की सभी दवा दुकानों पर तत्काल और औचक निरीक्षण अभियान शुरू करें। चिकित्सा संघों ने इस लंबे समय से प्रतीक्षित निर्णय का गर्मजोशी से स्वागत किया है, और कहा है कि जटिल रासायनिक यौगिकों का अनियंत्रित सेवन अक्सर गंभीर श्वसन रोगों को छुपा देता है। हालांकि, छोटे पैमाने के खुदरा दवा विक्रेता संघों ने तत्काल चिंता व्यक्त की है कि यह नियम उन ग्रामीण परिवारों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है जिनके पास क्लीनिक तक आसान पहुंच नहीं है। इस प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए, स्वास्थ्य विभाग दूरदराज के गांवों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डिजिटल टेली-परामर्श बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार करने की योजना बना रहा है। इसके अलावा, इन लिक्विड फॉर्मूलों का निर्माण करने वाली कंपनियों के लिए अब कानूनी रूप से यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे अपनी पैकेजिंग पर इस नए नियम की चेतावनी स्पष्ट रूप से छापें। इस सख्त सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रवर्तन का उद्देश्य भारत के घरेलू दवा वितरण मानकों को सीधे अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप लाना और मादक द्रव्यों के दुरुपयोग को रोकना है।
