भारतीय सेना का बड़ा कदम: ईंधन बचाने के लिए बायोगैस और सौर ऊर्जा पर जोर

मध्य पूर्व में जारी युद्ध और ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच भारतीय सेना ने एक रणनीतिक बदलाव करने का फैसला किया है। सेना ने अपने कैंपों और दूरदराज की चौकियों पर रसोई गैस (LPG) के बजाय बायोगैस संयंत्रों के उपयोग को अनिवार्य करने की योजना शुरू की है। इसके अतिरिक्त, सेना की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सौर और पवन ऊर्जा के बुनियादी ढांचे को तेजी से विकसित किया जा रहा है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह कदम न केवल खर्च कम करेगा बल्कि युद्ध जैसी स्थिति में ऊर्जा सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगा। इस पहल के तहत सियाचिन जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी नवीन ऊर्जा स्रोतों का परीक्षण किया जा रहा है। सेना के वाहनों को भी धीरे-धीरे हाइब्रिड तकनीक पर शिफ्ट करने की योजना है। यह बदलाव भारत की सैन्य रसद (Logistics) को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। विशेषज्ञों ने सेना के इस दूरदर्शी फैसले की सराहना की है।

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