नई दिल्ली में राजनीतिक हलचल: परीक्षा पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन और हाई-प्रोफाइल धरना
राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामले को लेकर देश की राजधानी नई दिल्ली में राजनीतिक और सामाजिक माहौल बेहद गरमा गया है। छात्र संगठनों और प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं ने जंतर-मंतर सहित शहर के प्रमुख प्रशासनिक इलाकों में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। यह विरोध तब और बढ़ गया जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने संसद में इस मुद्दे पर चर्चा बाधित होने के बाद प्रधानमंत्री आवास के बाहर अचानक धरना दिया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि देश की परीक्षा प्रणाली में तत्काल संस्थागत सुधार किए जाएं, पेपर लीक के जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई हो और शिक्षा मंत्रालय जवाबदेही तय करे। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए गृह मंत्रालय ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और दिल्ली पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की अतिरिक्त कंपनियों को तैनात किया गया है। कई जगह प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़पें देखी गईं, जिसके बाद पुलिस ने कई प्रमुख नेताओं और छात्रों को हिरासत में लिया। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई के बाद भी विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शनकारी फिर से एकजुट हो रहे हैं, जिससे संसद के मानसून सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध गहरा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पूरे मामले पर बयान जारी करते हुए भरोसा दिलाया है कि पेपर लीक में शामिल अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन इसके बावजूद विपक्षी दल संसद में इस विषय पर विस्तृत चर्चा और पारदर्शी जांच की मांग पर अड़े हुए हैं।
