असम में भीषण मानसूनी बाढ़ का कहर: 5 लाख से अधिक लोग प्रभावित, राहत कार्य तेज
असम में लगातार हो रही मूसलाधार मानसूनी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति बेहद विकराल हो गई है, जिससे राज्य के कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की रिपोर्ट के अनुसार, 16 से अधिक जिलों के लगभग 5.6 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। ब्रह्मपुत्र नदी और उसकी प्रमुख सहायक नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे विशाल ग्रामीण इलाके, आवासीय मकान और हजारों हेक्टेयर में फैली कृषि भूमि जलमग्न हो चुकी है। राज्य के शिवसागर, चराईदेव, गोलाघाट और जोरहाट जिले इस आपदा से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं, जहां पानी के तेज बहाव और भूस्खलन के कारण जान-माल का भारी नुकसान दर्ज किया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और आवश्यक सामग्री पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों को चौबीसों घंटे तैनात किया गया है। बाढ़ पीड़ितों के लिए सैकड़ों राहत शिविर और चिकित्सा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां भोजन, साफ पानी और दवाइयां वितरित की जा रही हैं। मौसम विभाग द्वारा आगामी दिनों में भी पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के कारण नदी तटों और तटबंधों पर प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है। State और Central एजेंसियां मिलकर इस संकट से निपटने और पुनर्वास कार्यों को अंजाम देने में जुटी हुई हैं।
