नीट परीक्षा पेपर लीक विवाद पर संसद के मानसून सत्र में हंगामा, विपक्ष ने की चर्चा की मांग
संसद के मानसून सत्र का शुरुआती हफ्ता नीट (NEET) परीक्षा में हुए कथित पेपर लीक और धांधली के मुद्दों पर भारी राजनीतिक टकराव और स्थगन का गवाह बना। विपक्षी दलों ने संसद के दोनों सदनों में कार्यस्थगन प्रस्ताव पेश कर इस राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में हुई गड़बड़ियों पर तत्काल और विस्तृत चर्चा कराने के साथ-साथ संबंधित मंत्रियों के इस्तीफे की जोरदार मांग की। वहीं दूसरी ओर, राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों मेडिकल अभ्यर्थियों, छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे संसद मार्ग और लुटियंस जोन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। छात्रों की मांग है कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की जवाबदेही तय की जाए और भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए स्वतंत्र निगरानी समितियों का गठन हो। इस जनाक्रोश को देखते हुए केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि सीबीआई (CBI) द्वारा मामले की गहन जांच जारी है और दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए विशेष कानूनी कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। शिक्षा मंत्रालय ने उच्च स्तरीय डिजिटल सत्यापन, बहुस्तरीय सुरक्षा प्रोटोकॉल और एआई-संचालित निगरानी के जरिए परीक्षा आयोजित करने की प्रक्रिया के पुनर्गठन की रूपरेखा तैयार करने की बात कही है। हालांकि, विपक्षी सांसदों के भारी शोर-शराबे और नारों के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि केंद्रीय स्तर पर होने वाली बड़ी परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं का विश्वास बहाल करने के लिए प्रश्नपत्रों के वितरण और ऑडिटिंग बुनियादी ढांचे में आमूलचूल बदलाव की तुरंत सख्त जरूरत है।
