परीक्षा पेपर लीक विरोध प्रदर्शनों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने छात्र प्रदर्शनकारियों के डेटा सुरक्षा के दिए निर्देश
प्रतिस्पर्धी परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ देशभर में चल रहे छात्र प्रदर्शनों पर एक महत्वपूर्ण कानूनी हस्तक्षेप करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों के पुलिस बलों और जांच एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे प्रदर्शनकारी छात्रों से एकत्र किए गए डिजिटल डेटा के संबंध में सख्त सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करें। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने टिप्पणी की कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का एक अभिन्न अंग है और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को ऐसे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दंडात्मक या कठोर कार्रवाई करने से रोक दिया है जिनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। अदालत ने 18 वर्ष से कम उम्र के हिरासत में लिए गए सभी नाबालिगों को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया और निर्देश दिया कि हालिया रैलियों के दौरान जब्त किए गए व्यक्तिगत डिजिटल उपकरणों के डेटा को सुरक्षित रखा जाए तथा उत्पीड़न रोकने के लिए इसे सार्वजनिक डोमेन में न लाया जाए। सर्वोच्च न्यायालय का यह निर्देश छात्र यूनियनों और नागरिक अधिकार समूहों द्वारा कई राज्यों में कथित पुलिस ज्यादतियों के खिलाफ उठाई गई चिंताओं के बाद आया है, जिसके बाद अदालत ने प्रदर्शनों के दौरान पुलिस आचरण का मूल्यांकन करने के लिए एक स्वतंत्र समिति या विशेष जांच दल (SIT) पर विचार करने के संकेत दिए हैं।
